Google+ Followers

मंगलवार, 27 अक्तूबर 2015

कैसे पूछें प्रश्न

 पाठकों से अनुरोध है कि अपने जन्म का पूर्ण विवरण देकर स्पष्ट प्रश्न करें। मेरे जीवन के बारे में बताएं ,मेरी आर्थिक स्थिति कैसी है ,मेरा समय कैसा चल रहा है आदि प्रश्न निरर्थक होते हैं। मेरा जीवन कैसा रहेगा इस प्रश्न के लिए मुझे कम से कम तीन दिन तक लगातार  पाठक  की कुंडली बांचनी पड़ेगी तब मैं सही जवाब पर पहुंचूंगा। जातक की स्थिति कैसी है इसका सबसे सटीक जवाब स्वयं जातक के पास ही है। समय कैसा चल रहा है ये खुद जातक को पता होता है ,अतः ये प्रश्न बेतुके हैं ,ज्योतिषी को नहीं पता कि आप अभी क्या क्या उपचार कर  चुके हैं अथवा अब सिरा कहाँ से पकड़ कर उपचार आरम्भ करना है।ये लगभग तीन सिटींग के बाद लिए जाने वाला  निर्णय होता है। यहाँ फौरी  समस्या  का कारण जानकर उसका इंस्टेंट उपचार करने का प्रयास होता है।इसका सफल होना न होना अभी बहुत से कारकों पर निर्भर होता है। 
    मुझे सफलता मिलेगी या नहीं जैसे प्रश्न का जवाब ज्योतिषी के पास नहीं होता है। आपसे कोसों दूर बैठा ज्योतिषी नहीं जानता कि आप किस कार्य की सफलता की बात कर रहे हैं ,जैसे आपसे कोसों दूर बैठा पकवान बनाने का जानकार नहीं जानता कि आप अपने घर में कौन सा पकवान बना रहे हैं व वो स्वाद में कैसा बनेगा।उसे नहीं पता कि आपने कितनी आंच में ,कितनी मात्रा में ,किन सामग्रियों के साथ, कौन सा पकवान बनाना आरम्भ किया है। जब तक पकवान उसके स्वयं के सामने नहीं बनता वो अपनी विशिष्ट राय आपको नहीं दे सकता।वास्तव में ये ऐसा ही है जैसे आप बाल कटाने गए किन्तु अभी भीड़ के कारण नम्बर आने में समय लगने वाला है तो चलो जरा पान वाले के पास जाकर अखबार पढ़ा जाय और टशन के लिए मोदी सरकार पर उसके विचार जाने जायँ। खाली समय ही तो काटना है। …ऐसे ही इस प्रकार के प्रश्न मात्र ज्योतिषी का स्तर जांचने के लिए ही पूछे जाते हैं …देखें क्या कहता है ये  ज्योतिषी....अमूमन हम भी ऐसे प्रश्न का चयन करने से बचते हैं ,किन्तु रैंडम प्रक्रिया के द्वारा जब चयन हो जाता हैं तो जवाब  पड़ता है … किन्तु उसके बाद पाठक का किसी प्रकार का रिस्पांस न आना ज्योतिषी को हतोत्साहित करता है ……  अपने दैनिक जीवन में अपनी आजीविका के  लिए मुझे भी कार्यालय में बैठकर क्लाइंट अटेंड  होते हैं ....अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया प्रश्न स्पष्ट रखें व जवाब प्राप्त  होने  पर रिस्पांस अवश्य दें। ....
   एक गुजारिश और पाठकों से कि लेख में दिखाई देने वाले विज्ञापनों पर क्लिक अवश्य कर दें। । इससे प्राप्त आय को मैं धार्मिक कार्यों में ही लगाता  हूँ। … धर्म के कार्य में अपरोक्ष योगदान ही सही।  आभार।  ....... ……