रविवार, 15 जून 2014

Pitr dosh ,पित्र, पितृ दोष ( Pitr Dosh ) का कारण :कुंडली का पंचम भाव :भाग्य का भाग्य


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परम्परागत ज्योतिष में यकीन रखने वाले हम जैसे ज्योतिषी कई बार शाश्त्रों की उस रहष्यमयी भाषा की पहेलियों में उलझ कर उस सूत्र से दूर रहते हैं जो कि सारे रहस्य की कुंजी होता है.इसी क्रम  में आज हम पंचम भाव की बात करते हैं। पंचम  भाव संतान व उत्पादन का भाव है। नवम भाव भाग्य व पिता का भाव है। नवम से नवम व पिता का पिता यदि किसी भाव को माना जाय तो वह पंचम भाव है। कुंडली को जो भी भाग्य प्राप्त हो रहा है वह फलित होने के लिए भाग्य के बीज यानी पंचम भाव से प्रभावित हो रहा होता है। कई लोगों का प्रश्न होता है कि गुरूजी हमारे भाग्य भाव में तो बड़े सुन्दर ग्रह बैठे हुए हैं,फिर भी हम परेशान क्यों हैं। उन सभी बंधुओं से मेरा आग्रह है की अपने पंचम भाव पर दृष्टि डालें। क्या ये भाव पाप प्रभाव से मुक्त है ?भाग्य को फलित होने के लिए क्या प्लेटफॉर्म मिल रहा है इसका निर्णय पंचम भाव से प्राप्त होने वाली ऊर्जाओं पर निर्भर करता है। सामान्यतः नवम भाव को पितृ दोष उत्पन्न करने वाला भाव माना जाता है , किन्तु मेरा व्यक्तिगत  मत है कि पंचम भाव नवम से कहीं अधिक तीव्रता से कष्टकदायी पितृ दोष उत्पन्न करता है।
         पैदा होने वाला जातक लग्न का प्रभाव लेकर जन्म लेता है ,अगर लग्न स्वयं जातक है तो पंचम भाव उस जातक को पैदा करने वाले पिता (नवम )का भी पिता है। अर्थात आप जिस पेड़ (नवम )का फल हैं वो पेड़ पंचम रुपी बीज के गुण -दोषों पर निर्भर है। अतः सीधे रूप में अब आप जिस फल का उत्पादन (*पंचम )करने वाले हैं वो आगे जाकर  भाग्य को बीज देने वाला है। किन्तु आप जो भी फल उत्पन्न करने वाले हैं ये आपको जन्म देने वाले पेड़ (नवम )
की  गुणवत्ता पर निर्भर होगा क्योंकि आप उसी वृक्ष  का फल हैं। अब वो वृक्ष (नवम )कैसा था ये उसे जन्म देने वाले बीज (पंचम ) पर निर्भर करता है ,अतः जातक के रूप में दादा का ही रूप सामने आता है। दादा ने (पंचम )ने जो पेड़ (नवम )लगाया ,उसका फल लग्न है। अतः पंचम का भाग्य लग्न है।इसी क्रम में ये त्रिकोण चलता रहता है।
              ऐसे में ये समझना आसान हो जाता है कि क्यों पुराने समय में बुजुर्ग कहा करते थे कि दादा का बोया पोता  काटता  है। यही पितृ दोष है। पितृ दोष........... यानि पितरों द्वारा किया गया कोई पाप कर्म,अथवा पितरों का कोई ऋण जिसे उनका भाग्य होने के कारण हमें भुगतना है ,नहीं भुगतते हैं तो फिर अपने भाग्य के लिए कौन सा बीज दे रहे हैं ये हम ही तय कर रहे हैं। इसी लिए कहा गया है कि कर्म (हमारे द्वारा किया गया उत्पादन (पंचम ) )ही भाग्य को बिगाड़ता बनाता है। जैसा उत्पादन हम करेंगे ,भाग्य को पनपने के लिए वही बीज के रूप में मिलेगा।
                         ज्योतिषीय भाषा में कहूँ तो पंचम भाव सम्बन्धी उपाय बहुत आवश्यक हैं। अगर आपकी कुंडली सशक्त होकर भी परिणाम प्रस्तुत नहीं कर पा रही है तो बहुत संभव है कि आप एक अदृश्य -अनदेखे पितृ ऋण के कर्जदार हैं। सबसे पहला प्रभाव आप संतान पर पाएंगे।या तो होगी नहीं ,होगी तो स्वस्थ सुखी नहीं होगी ,या आगे जाकर आपके काबू में नहीं होगी।अर्थात संतान सम्बन्धी कई विषमताएं देखने को मिलेंगी। दूसरा प्रभाव इसका आपकी शिक्षा के ऊपर दिखाई देगा।आप चाह कर भी -लायक होकर भी शिक्षा के स्तर को उठा नहीं पाएंगे। शिक्षा प्राप्त हो भी जाएगी तो भविष्य में आपके किसी काम नहीं आएगी .आपसे कम गुणी- कम लायक लोग भाग्य के सहारे आप से आगे निकलते जाएंगे व आप हाथ मलते देखते रह जाएंगे।अगर आप भी स्वयं को ऐसी स्थिति में पा रहे हैं तो अपने दादा के बारे में ज्ञात कीजिये ,उनके किसी भाई (जो की अविवाहित रहा हो )के बारे में ज्ञात कीजिये। उपाय वहीँ से प्राप्त होगा ,रहस्य वहीं से खुलेगा। साल भर के भीतर आप अवश्य हालात में बदलाव महसूस करेंगे। पितृ दोष का असल उपाय नवम से न पकड़कर पंचम से प्राप्त करें।  लेख के प्रति आपकी अमूल्य राय की प्रतीक्षा में.….......

  ( आपसे प्रार्थना है कि  कृपया लेख में दिखने वाले विज्ञापन पर अवश्य क्लिक करें ,इससे प्राप्त आय मेरे द्वारा धर्मार्थ कार्यों पर ही खर्च होती है। अतः आप भी पुण्य के भागीदार बने  )
                                          

64 टिप्‍पणियां:

  1. Panditji, interesting write up again from your end....have send you a mail...please check

    Thanks
    Amit Jain

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  2. Pandit ji,
    Good article but what is the common remedy to find solution for removal of educational, marital problems of our grown up childs.
    sanjeev

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  3. शुक्र -राहु के प्रभाव से संतान को भ्रमित होने से बचाएं। विडम्बना है की आजकल के बच्चे सूर्य के शुभफल को प्राप्त नहीं कर पा रहे। पिता संतान का मित्र बन कर खुद को फॉरवर्ड व अप टू डेट समझ रहा है। किन्तु इस चक्कर में बच्चा सूर्य का प्रभाव नहीं पा रहा है। पिता दोस्त बन रहा है तभी तो दोस्त पिता बन रहे हैं।जिन विषयों पर बच्चे को पिता का मुंह ताकना चाहिए था, जिन विषयों पर पिता की सलाह मांगनी चाहिए थे वहां दोस्तों की सलाह मांगी जा रही है।जिस गुरु को आपकी खाल खींच लेने का अधिकार होना चाहिए था ,जिसे आपका अंगूठा मांग लेने का अधिकार होना चाहिए था ,उस गुरु को जरा ऊँची आवाज निकलने पर ही जुतियाने पिता -माता पहुँच रहे हैं। गुरु का मान कम हो गया है। जिन पंडित जी को देखकर बच्चे का सर स्वतः श्रद्धा से झुकना चाहिए था आज उन्ही को बच्चे अनपढ़ समझ रहे हैं। कारण घर में मिलने वाला माहौल व शिक्षा ही है।बच्चों को मानस की एक भी चौपाई भले ही याद न हो , छोटे बच्चों के मुंह से जस्टिन बीबर व शकीरा के गाने सुनकर माता पिता झूठे अहंकार में डूब रहे हैं। इन सब चीजों से बच्चों का चन्द्र प्रभावित हो रहा है ,बच्चे अब बच्चे नहीं रहे ,आयु से पहले जवान हो रहे हैं ,सयाने हो रहे हैं ,कम्पटीशन की झूठी रेस में हम बच्चों को बर्बाद करने पर तुले हैं। परिणामस्वरूप शुक्र व राहु का चारों ओर बोल बाला है.बच्चे छोटी छोटी आयु में भटक रहे हैं,कामुक हो रहे हैं। जहाँ जिस आयु में घर के दादा दादी ,माता पिता को कहानियां सुनानी चाहिए थीं वहां इंटरनेट बच्चों को अश्लीलता परोस रहा है,हम २१ वीं सदी में होने का भ्रम पाल रहे हैं। अभी कुछ सालों पूर्व दिल्ली का आरुषि काण्ड व कई ऐसे और भी रोजमर्रा के किस्से शुक्र व राहु का ही परिणाम हैं। जिस घर में पिता, पिता है व गुरु, गुरु है,वहां कभी समस्यां नहीं होती। जागते ही जो पिता वैदिक मन्त्र अपने म्यूजिक सिस्टम पर बजाता है वो अपने बच्चों को शीला की जवानी से बचा रहा है।माफ़ी चाहता हूँ टिपण्णी कहीं से कहीं चली गयी , पर क्या करूँ वास्तव में आपने मेरी दुखती रग पर हाथ रख दिया। किन्तु संभवतः मैं आपके प्रश्न का उत्तर दे पाया हूँ.

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    1. आपके द्वारा पित्र दोष पर दी गई जानकारी और उनके बिंदु 200 प्रतिशत सच्चे है इतना अगर किसी को बता दे तो भली बहती जान जाता है की आपको कुंडली के बारे में जान करी है और आप जो भी बताय्न्गे वो सतह पर होगा यानि अन्धविश्वाश नहीं शुक्रिया गुरु जी आपका इतनी मत्वपूर्ण और सटीक जानकारी देने के लिए इश्वर आपको ऐसे ही ज्ञान सागर में डुबोता रहे ताकि हम आपके द्वारा ज्ञान ले सके

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  4. DOB 14 APRIL 1985 , TIME 13.05 PLACE REWA MP . GURUJI I AM NEEDED YOUR ADVICE PLEASE HELP.

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  5. GURUJI PRANAM, MERI DOB 14/04/1985, TIME 13.05 PLACE REWA MADHYA PRADESH. MERA CARRIER KIS DISHA ME BAN PAYEGA, KYA GOVT JOB KE YOG HAI, VIVAH EVUM JEEVAN ME STABILITY KAB TAK AA PAYEGI.

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    1. दबंग वाली स्टाइल में कहें हम? कमाल करते हो पांडे जी........क्या कमाल करते हो?यही की कर्क लग्न में दशम में उच्च के सूर्य व स्वराशि मेष में मंगल के होते हुए भी ये प्रश्न करते हो की क्या सरकारी नौकरी लगेगी?तुम्हारी नहीं लगेगी तो किसी की नहीं लगेगी भाई.और नौकरी भी कैसी?छोटी मोटी नहीं मित्र,तुम अधिकारी के पद को सुशोभित करोगे एक दिन,प्रशासनिक पदों का भोग,और एक नहीं तीन.बस तब पंडित जी को पता नहीं याद करोगे या नहीं?खैर ,घर के दक्षिण कमरे में रहो,एक बार काशी विश्वनाथ के दर्शन कर आओ व हर शनिवार तेल का दीपक पीपल में जलाओ व आम के 11 पत्तों में लाल रंग से राम लिखकर मंगलवार को मंदिर में अर्पित करें.वर्ष से पहले ही आप नौकरी पर हैं.शुभकामनाएं....

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    2. गुरूजी मेरे प्रश्न का प्रत्युत्तर देने के लिए आपका सादर दंडवत आभार एवं अपराधो के लिए क्षमा प्राथर्ना , आपके बताये अनुसार मैंने सभी उपाय करने प्रारंभ कर दिए है बिना किसी आशंका और पूर्ण विश्वास के साथ, लेकिन उम्र के इस पड़ाव में जब कैरियर स्थायित्व की तरफ होना चाहिए मेरे तमाम असफल प्रयासों से मन में तरह तरह की आशंकाए आत्म विश्वास को डगमगा देती है , मैंने आपके पुराने कई ब्लागों को पढ़ा और कर्क लग्न , ग्रहण दोष, पित्र दोष आदि को पढ़कर ऐसा लगा मानो मेरे जीवन के बारे में ही लिखा हो , स्वाभाववश नकारात्मक विचारो से मन भर जाता है , पिछले कई महीनो से आपको लिखना चाह रहा था पर केवल पुराने एवं नए ब्लोगों को पढ़कर ही रह जाता ,आज जब मन कुछ ज्यादा ही विचलित हुआ है तोआपसे जानना चाहता हु कि आपके दिए हुए उत्तर को शब्दश: सच करने के लिए क्या मुझे किसी अन्य उपाय की जरुरत है क्यों की ऐसे संयोग बनते बनते बिगड़ रहे पिछले १५ सालो से लगातार जीवन कठिन हुआ है और प्रगति का ग्राफ ऊपर की तरफ जा ही नहीं रहा है , गुरूजी मेरे ऊपर मेरे परिवार की जिम्मेदारी है और उसे यथोचित रूप से निभाने के लिए आपके ज्य्योतिष मार्गदर्शन की प्रतीक्षा में..............

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    3. तीन नवम्बर से आपके दशम भाव से शनि देव ने अपनी नीच दृष्टि हटा ली है ,उपाय यदि निरंतर कर रहे हैं व नौकरी हेतु प्रयास कर रहे हैं तो अब समय आरम्भ हो चुका है। ये समय काल मई २०१५ से पहले ही स्थायित्व दे देगा।

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  6. pandit ji pranam, pandit ji meri rahu/shukra ki dasha chal rahi he. sukra 4th or 9th bhav swami hokar navam me hi he parantu phir bhi is period me bhi bhagya ko kamjor hi mahsush kar raha hu. karan kya he kripya bataye.
    Name Bhuwan Kr. dob 03.12.1978 time 12.00 noon place delhi

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  7. GURU JI PRANAAM
    AAPKE BLOG SE HAME ITNI SAARI JANKARI MILTI RAHTI HAI ISKE LIYE BAHUT BAHUT DHANYAWAAD
    GURU JI MERA NAAM MANISH GUPTA HAI MAINE D.PHARMA 2013 ME CLEAR KIYA HAI AND MAIN AB B.PHARMA KARNE JA RAHA HUN SAATH HI DELHI KE EK HOSPITAL ME JOB BHI KAR RAHA HUN. AAPSE YE SAWAL PUCHTE HUYE THODA SANKOCH HO RAHA HAI,KRIPA KARKE AAP MUJHE YE BATANE KA KASHT KAREN KI MERI KUNDLI ME VIVAH HONE KA YOG KAB KA BAN RAHA HAI AND MERI JEEVANSATHI KAISI HOGI. SAATH ME APNI AMULYA RAAY DENE KA KASHT KAREN AAPKI ATI KRIPA HOGI.
    DOB: 05 OCTOBER 1991, 10:15 AM GONDA, UTTAR PRADESH
    PRANAAM.

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    1. विवाह २४ वर्ष की आयु में संभव है ,किन्तु आपको चाहिए कि फिलहाल नौकरी के विषय सोचें ,आपके लिए सरकारी नौकरी के बड़े शानदार योग अभी दो वर्ष तक चल रहे हैं। माणिक रत्न धारण कीजिये।

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  8. JINKI KUNDLI NAHI HOTI UNKA MILAN KIS AADHAR PR KRTE HI AAP

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  9. PANDIT JEE PRANAM
    KRIPYA MERI NAUKARI WA BAGYA KE BARE ME BATAYE
    NAME-MITHILESH TIWARI
    DOB -09/NOV/1986, TIME-12;20AM,PLACE-NASIK(MAHARASTRA)

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    1. मिथिलेश जी ,कुंडली सेना -पुलिस विभागों के साथ ही फाइनेंस(बैंक आदि ) सम्बन्धी किसी भी क्षेत्र में स्पष्ट नौकरी के योग उत्पन्न कर रही है। आप अभी नौकरी पर नहीं हैं ये ही मेरे लिए हैरानी का विषय है। यदि ऐसा है तो आप मूंगा रत्न धारण करें व सूर्य हेतु आदित्य ह्रदय श्रोत का पाठ कराएं। योग्य ब्राह्मण द्वारा काल सर्प दोष की शान्ति करा लें (केरलीय विधि से )कर्क लग्न से सम्बन्धी मेरे लेख को पढ़ें ,शायद कोई सहायता प्राप्त हो। देव गुरु उच्च हो चुके हैं। इस वर्ष के अंत तक सुन्दर परिणाम प्रस्तुत करेंगे।

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  10. NADI dosh ke baare me kaha gya hi ki ब्राह्मण को नाड़ी, क्षत्रिय को वर्ण, वैश्य को गणदोष व शूद्र को योनि दोष लगता है। ye kaha tak sahi hi

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  11. बच्चे को बंद रखा गया,मात्र एक अक्षर के आगे होने से बच्चे को बन्दर खा गया बन गया ,ब्राह्मण को नाडी दोष विशेष रूप से चिंतनीय है,ऐसा कहा गया है,किन्तु इसका अर्थ कदापि ये नहीं है कि अन्य वर्णों पर ये लागू नहीं है.वैसे भी कुछ स्वयंभू ज्योतिषियों को अभी ये समझने में काफी समय लगेगा की वर्ण सम्बन्धी ये श्लोक राशियों के वर्ण पर लागू होता है,मनुष्य के वर्ण पर नहीं.... सामान्य शिष्टाचार हेतु औपचारिकता के लिए भी आपने किसी प्रकार का संबोधन नहीं किया.व्यक्तिगत रूप से मैं बिना नाम व बिना संबोधन के प्रश्नों के उत्तर में रूचि नहीं लेता,किन्तु रैंडम प्रक्रिया द्वारा प्रश्न चयनित हो गया तो जवाब देना पड़ रहा है.

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  12. guru ji pranaam... jaisa ki apne blog me kaha ki hum jo bhi phal utpann karte hain wo hume janam dene wale ped ki gunwatta par nirbhar karta hai kyuki hum usi vriksh ka fal hain. kya ye niyam kanya santaan pe bhi laagu hota hai.
    guru ji ek dada k bahot se pota-poti hote hain or sabhi jeevan ke har shetr me safal rehte hain parantu kai baar unme se ek ka hi pancham bhaav kuch graho se prabhaavit hokar dushit ho raha hota hai. aisa kyu?

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  13. बेहतर प्रश्न है.सोच ही रहा था कि कोई ये प्रश्न करे.जवाब है हाँ ,पोतियों पर भी लागू होता है,और भला होगा क्यों नहीं?अब प्रश्न है कि किसी जातक विशेष पर ही क्यों होता है?तो जवाब है कि कंगारू ऑस्ट्रेलिया में ही क्यों होता है,मछली पानी में ही क्यों होती है?जाहिर रूप से जहाँ योग विशेष को घटित होने बल्कि उससे भी पहले कहूँ कि अस्तित्व लेने के लिए माकूल परिस्थिति प्राप्त होती है ,वहीँ ये योग होता है.फल सब एक ही पेड़ के हैं,किन्तु अवस्था सब की अलग रही,कोई सूरज के सामने के हिस्से पर रहा ,कोई पश्चिम दिशा की ओर रहा.ऐसे ही हर जातक का जन्म अलग अलग परिस्थिति,अपने पूर्व जन्म के अलग अलग कर्मों के द्वारा अलग अलग प्रारब्ध लेकर जन्मे हैं.एक माँ के गर्भ से जन्म लेकर भी रूप रंग-भाग्य तक अलग अलग हुआ.क्यों?क्योंकि कर्मों का लेखा जोखा अलग अलग था.राम ही राम क्यों जन्मे?लक्ष्मण अग्रज के रूप में होते तो क्या फर्क पड़ता.संपन्न सक्षम बाली की सहायता न मांगकर भगौड़े सुग्रीव का हाथ ही क्यों थाम लिया राम ने,दोनों जुड़वाँ थे,किन्तु पूर्व जन्म के कर्मों ने एक को प्रभु का मित्र बनाया एक को मृत्यु प्राप्त कराई.
    रजनी जी योग जातक का चयन नहीं करता अपितु अपने कर्मों द्वारा जातक स्वयं ही अपने आने वाले समय के लिए योगों का चुनाव करता है.अतः ये सारे दुःख दर्द हमारे द्वारा लगाये वृक्ष का ही फल हैं,वृक्ष चाहे इस जनम में लगाया हो चाहे उस जन्म में.यही पितृ दोष है.आशा है आपको संतुष्ट कर पाया हूँ.

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  14. guru ji pranmam, jawab dene ke liye bahot bahot dhanyawad.....

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  15. Meri beti ka dob 8 jan 2004 and samay 11.55 ppm hai
    Ye padhai me dhyan nahi deti hai thoda margdarshan kare
    Dhanywad

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  16. Mera dob 20 nov 1979 and samay 1.35 pm hai
    Hum abhi tak ek sthan par settle nahi ho paye hai , jaldi jaldi moving ki vajha se baccho ki padhai bhi disturb hoti hai aur mujhe bhi deppresion rahne laga hai, krapya margdarshan dijiye

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  17. भाग्यवश आपके प्रश्नं का चयन हुआ किन्तु भाग्यवश देखिये कि आपने जन्मस्थान नहीं बताया.

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    1. Mera place of birth mathura hai aur meri beti ka pilkhuwa hai
      Confussion ke liye mafi chahti hu

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  18. Namastey guru ji
    Meri beti ki dob 8 march 2004 hai, time 11.55 pm aur place pilkhuwa( u. P.) hai ,
    Ye padhai par dhyan nahi deti hai, krapya kuch margdarshan den

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    1. काफी बार आपने प्रश्न किया और काफी देर में आपका नम्बर आया ,तो मुआवजा यह है की आपके प्रश्न पर अधिक समय दिया गया है। ज्योतिषीय भाषा में कहूँगा तो संभवतः आप समझ नहीं पाएं ,अतः सामान्य रूप से उपाय सुनिए। कन्या का मीठा देना बहुत काम कर दें। पानी का सेवन अधिक कराएं। करेले का रस प्रातः खाली पेट कराएं। मूत्र विसर्जन के पश्चात मूत्रस्थान को धोने की आदत डालें। शौचालय को दिन में दो बार नमक मिले पानी से धोएं। कन्या का यूरिन टेस्ट एक बार अवश्य करा लें। वास्तव में समस्या ये हो रही है की चाहे आप भांप पायीं या नहीं किन्तु ग्रहों के प्रभाव से कन्या शरीर में होने वाले नैसर्गिक बदलाव को आयु से पहले महसूस करने लगी है। अतः दिमाग अधिक चलायमान होने लगा है। वो बेचारी कंफ्यूज हो रही है,ऐसे में सर्वाधिक आवश्यकता माँ के सम्बल की है। बच्चे को टीवी आदि देखते समय ऐसे प्रोग्राम न देखने दें ,जो उसकी आयु के अनुसार न हों साथ ही उसे अपने से बड़े लोगों (मौसी -बहन -बुआ- भाई कोई भी )की संगत में अधिक देर न रहने दें। कोई संशय हो तो तुरंत उसका उचित निवारण करें। और कुछ जानना हो तो निस्संकोच कहें।

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    2. Guru ji krapya ek baar meri kundali bhi avlokan kar le
      Maine ek prashn apne liye bhi poocha hai

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    3. Guru ji
      Hame jaldi jaldi moving karni padti hai , is vajaha se kafi samasyaen Arahi hai
      Kab tak settle ho jayenge aur kab tak settle ho jayenge , krapya kar bata dijiye
      Meri dob 20 nov 1979
      Time 1.35 pm
      Place mathura(uttar pradesh)

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  19. Guru ji krapya mere aur meri beti ke liye margdarshan de

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  20. Guru g my dob 27/11/1980,place ajmer, time 00.15 am, me bahtut pareshan Hu karz bahtut jyada ho chuda h, pls meri zindgi ka pura vibran De aur mughe sadhna me jana koi upay bataye pls reply me.
    Vishnu prakash sharma
    8107812222
    Kishangarh rajasthan

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    1. विष्णु जी ,शेषनाग कालसर्प दोष व ग्रहण योग का प्रभाव आप सन 2009 से भुगत रहे हैं। सिंह लग्न में पुष्य नक्षत्र में चयन हुआ है आपका ,वनवास तो भोगना ही था बंधु। मूंगा व मोती एक साथ लाकेट में धारण करें व योग्य ब्राह्मणो द्वारा कालसर्प दोष की शान्ति कराएं। अपने गुस्से ,मूड व attitude को ठीक रखें ,अभिमान ही आपके लिए पतन का कारण बनेगा। जितने सहज रहेंगे उतना मंगल आपरेट होकर शुभ फलों में वृद्धि करेगा। आगे समय शुभ है ,2017 के बाद हालात नियंत्रण में होंगे। ह्रदय ,सांस ,छाती व इससे सम्बंधित रोगों से सचेत रहें।

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  21. pandit ji pranam,
    mera naam rohit karkare hai aur me aapka bolg kai dino se pad raha hun aur kafi prabhavit bhi hun,aur aasha karta hun ki aap merii kuch sahayta kar payenge..

    meri date of birth:07.01.1988
    place of birth: sagar (m.p.)
    time of birth:1.50 (dophar)

    1) mujhe konsa business karna chaiye jisse kafi tarraki ho.
    2) paiso ka kafi abhav raha hai jivan bhar uske liye koi upay.
    3) aur konse ratano ko dharan karna chaiye..

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    1. Guru ji Namaskar:
      Mene aapka blog dekha bhot accha laga ki aap jyotish ke madhaym se logo ki seva kar rhe hai. Aapko Naman.!!

      Muje astrology mei Kaafi interest hai, mei khud jyotish sikh rha hu. Guru ji mera aapse vinarm nivedan hai ki ek nazar meri kundli per bi lagaye.
      Guru ji mene abi Manik aor Munga ratan ki ring ban wayi hai lakin jyotishi kehte hai ki right hand ki ring finger mei hi munga pahena chaiye or Manik ki ring ki bi whi finger hai. Kirpya mera maarg darshan kare. Kyuki mei ek hath mei do ring nhi pahen sakta. Aor kahi jagah mene ye bi pda hai ki agar planet kundli mei kharab ho tabi left hand mei ring paheni ja sakti hai.
      Aor meri kundli mei koi upay ho to wo btayiee….Apka Abhar Rehega.

      Dob 21-Feb-88
      Time - 06.03 Pm Delhi India

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    2. रत्न को किसी हाथ विशेष से सम्बंधित करना वास्तव में हस्तरेखा व पारम्परित ज्योतिष को आपस में घालमेल करना है ,प्राण प्रतिष्ठित रत्न ने ऊर्जाओं के जरिये काम करना होता है,जिस प्रकार मोबाइल आपकी दाहिनी जेब में हो चाहे बाईं। आपको सुविधा है तो रत्न को कान में लटकाइये ,क्या फर्क पड़ता है। वास्तव में पूर्व समय से ही कुछ स्वयंभू ज्योतिषियों द्वारा उलटे सीधे तर्क देकर समाज को छलने व अपने पांडित्य को झाड़ने के लिए ऐसे हथकंडे आजमाए जाते रहें हैं कि ये विद्या समाज का हित करने वाला धर्म न होकर व्यक्ति विशेष का हित साधने वाला व्यापार बन गयी है,जहाँ मात्र लाभ (व्यक्तिगत )मायने रखता है अन्य कुछ नहीं। आप ज्योतिष सीख रहे हैं ,बेहद ख़ुशी है मुझे ,बस ध्यान रखियेगा की जिस दिन आपका ज्ञान आपका लाभ न कर समाज का लाभ करने लगता है ,उसी दिन से आपको स्वतः ही इतना लाभ प्राप्त होने लगता है जिसकी अपने कल्पना भी नहीं की थी। जब सब आपके तो आप भी तो सभी के।

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  22. Guru ji pranaam,
    Guru ji mai ek chooti se namkeen ki factory kholna chata hu to kya mujhe isme safalta milegi ya asfal ho jaunga
    Mere kundli ke anusaar ye business mujhe suit karega ya nahi.
    Agar ye business mujhe na suit kare to mere kundli ke anusaar kaun kaun sa business hai jisme mujhe safalta mil sakti hai.
    Kripa karke bata dijeye
    Guru ji mai isliye puch raha hu kyoki abhi tak na mere koi naukri lagi hai na hi mai koi business soch pa raha hu isliye kripya mera margdarsan kare.
    Birth details :-
    Name :- Rahul Gupta
    DOB :- 2/6/1992
    TIME OF BIRTH:- 4:20 AM
    PLACE OF BIRTH :- BASTI(U.P.)

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. राहुल साहब क्या पूछ सकता हूँ कि इतनी जल्दी कैसे निष्कर्ष निकाल कि नौकरी नहीं लग रही है। मुकद्दर का सिकंदर जानते हो कैसा दिखता है ,कैसे रंग का होता है,सिर पर सींघ होते हैं या नहीं ,खाता क्या है ,पहनता क्या है ?नहीं देखा ?तो बाबू फ़ौरन जाके आईना देखो। तुम ही मुकद्दर का सिकंदर हो। बैंक -शिक्षा ,फाइनेंस आदि क्षेत्रों में प्रयास करो। अगले वर्ष के मध्य तक तुम नौकरी पर हो वो भी सरकारी। और व्यापार ही करना चाहते हो तो बेहिचक करो ,तुम्हारा डंका अपने आप बजेगा। कहीं कोई कमी नहीं /कहीं कोई रुकावट नहीं। मात्र नवम्बर तक का समय रुकावट है उसके बाद आसमान तुम्हारा है बंधू ,चाहे जितना उड़ो। शनि का छल्ला दाहिने हाथ की मध्यमा में धारण करो।

      हटाएं
    2. Guru ji pranaam,
      Guru ji mere kundli me buddh, sukra, aur chandra ast/supt awastha me hai.
      To kya isse mere jivan par koi bura prabhav padega.
      Agar haa to to iske kya upay hai wa kaun sa ratan dharan kare ki laabh ho.

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  23. pandit ji pranam,
    mera naam rohit karkare hai aur me aapka bolg kai dino se pad raha hun aur kafi prabhavit bhi hun,aur aasha karta hun ki aap merii kuch sahayta kar payenge..

    meri date of birth:07.01.1988
    place of birth: sagar (m.p.)
    time of birth:1.50 (dophar)

    1) mujhe konsa business karna chaiye jisse kafi tarraki ho.

    2) paiso ka kafi abhav raha hai jivan bhar uske liye koi upay.

    3) aur konse ratano ko dharan karna chaiye..

    4) kya meri kundli me bhi "pitra-dosh" hai.

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    1. संचार सम्बन्धी , छापाखाना ,फाइनेंस सम्बन्धी ,कंस्ट्रक्शन व मटेरियल आदि का काम आपके लिए शुभ है। आरम्भ करने का समय यही है ,२०१७ के बाद किसी प्रकार की तकलीफ नहीं है। पैसे की कमी भाग्य में नहीं है,बस थोड़ा संघर्ष अधिक है २८ वें वर्ष तक ,उसके बाद स्वयं का मकान भी बनता दिख रहा है ।हाँ बाबू पितृ दोष तो है और उसी का नुकसान उठा रहे हो। माँ अथवा पिता के किसी भाई का कोई दोष अवश्य है। योग्य ब्राह्मणो द्वारा षोडशी करवाओ। लाभ होगा।निराश होने की आवश्यकता नहीं है ,शुरुवाती संघर्ष के बाद सब तुम्हारी मुट्ठी में है। १ साल तक निरंतर गुरुवार के व्रत विधिपूर्वक करो ,कल्याण होगा।

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    2. pandit ji apka koti koti dhanyawaad,aapne jo mere liye apna kimati samay diya
      ek aur kripa karne ka kasht aur kijiye kya mujhe aapka mobile number mil sakta hai kya taki pitra dosh ke upay ke liye me aap se baat kar saku.
      aap apna mobile number mujhe message ke dwara bhej sakte hai mera mobile number hai:09977752207 mujhe aapke message ka intzaar rahega..

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  24. Guru ji pranaam,
    Guru ji mai ek dukaan par kuch paiso par naukri karta hu. Us se kisi tarah mai apne aajivika chalta hai . lekin guru ji ab mere naukri bhee waha se choot gayi hai.
    Guru ji mere jivan bahut aisthir aur aarthik isthiti bhee theek nahi hai.
    Guru ji mere kundli dekh kar bataye ki kya jivan bhar mai aise hi rahunga ya mera jivan bhee isthir hoga.
    Guru ji mai kaun sa business karu jis me mujhe safalta mile jis se mera jivan aur aarthik isthiti dono sudhar jaye.
    Mere umra 28 saal ho gaye hai. Mera bhagya kab mera saath dega.
    Mere shaadi pechle varsh ho chuki hai
    Mera margdarsan kar mujhe aasha ji roshni dekhey.
    Birth details :--
    Name:- pramod
    DOB :- 14/04/1986
    TIME :- 11:15 AM
    PLACE:- BASTI(UP)

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  25. Guru Ji Pranam,
    Meri DOB 22/07/1990, Time 7.55am Place Udaipur Rajasthan Name: Hemant Choudhary. Me Videsh me padna jana chata hu....to mere waha safal hone ke aur job lagne ke kya chances he....aur mujhe kis taraf prepare karna chaiye Govt. job , Business ya Private Job..kis taraf mere yog jyada achhe he?

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  26. pandit ji pranam,

    me shodshi puja jald se jald karwana chata hun per yaha jabalpur me kisi ko is puja ke bare me pata nhi hai,kya aap bata sakte hai ki shodshi puja kaha hoti hai,
    aur kya ye pata chal sakta hai ki ma ya pita ji ke bhai dwara kon si galti hui hai
    jiske liye hum shama mang sake aur pariwar me kisi ko dobara ye dosh na lage.

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  27. Sir ji, me aap ki bahot badi prasansak hu, muje jyotish me bahot interest hai, muje bhi Astrologer ban na hai, mane padhna likhna net par serching sab start kar diya hai. aap ke lekh bahot hi acha Marg darshan dete hai,
    sir ji please aap apna kimati waqt nikal k meri kundli dekh sakte hai, Date : 05dec85, 07:00pm(19:00) mithun lagan.
    sir ji aap ka jawab mere liye ek nayi rah kholne me bahot hi badi bhumika nibhaye ga.
    Thank you.

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    1. आपके प्रोत्साहन हेतु आभार,कृपया अपना जन्म स्थान बताएं.वैसे जितने लोग इस विद्या से जुड़ेंगे ,उतना भला समाज और स्वयं इस शाष्त्र का होगा.

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  28. Sir meri sadi ko 8sal ho gaye he aur muje abhi tak baccha nahi ho raha he.kafi treatment le chuki hu.per koi result nahi mil raha he. Meri
    dob 16 / 1 / 1983 pob Alirajpur mp
    Tob 1.45am
    My husband details dob 10 / 9 / 1980
    Pob ratlam mp
    Tob 00.48am sir please help us.
    Kya me naturally conceive kar sakti hu.koi vrat .

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  29. Sir meri sadi ko 8sal ho gaye he aur muje abhi tak baccha nahi ho raha he.kafi treatment le chuki hu.per koi result nahi mil raha he. Meri
    dob 16 / 1 / 1983 pob Alirajpur mp
    Tob 1.45am
    My husband details dob 10 / 9 / 1980
    Pob ratlam mp
    Tob 00.48am sir please help us.
    Kya me naturally conceive kar sakti hu.koi vrat .

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  30. Namaskar Guruji,

    Meri shadi ke baar puchna tha Guruji... Meri Shadi kab tak hone ki sambhawana hai, Arrange Marriage hogi ya Love Marriage ... Shadi m deri ho rahi hai iska koi upay...
    DOB: 28-12-1981
    TOB: 5:30 SE 6:00 AM APPROX
    DOP: RAJAM (ANDHRA PRADESH)
    NAME: JANARDHAN

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    1. विवाह योग आरम्भ हो चुके हैं ,वर्ष २०१५ के मध्य ही विवाह संपन्न हो जाएगा। गोमेद रत्न बुधवार के दिन धारण करें। साठ ग्राम काले तिल ,सात हरी इलायची ,साठ ग्राम चीनी ,साठ ग्राम चावल व 600 ml दूध मंदिर में रखें। नब्बे दिनों के भीतर ही योग प्रभावकारी होने लगेगा

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  31. DOB 11/11/1986
    Place Itarsi MP
    Time 21:45

    मेरा नाम आशीष है,मैने पुखराज पहना हुआ है,
    मेरी नोकरी कब तक लगेगी,शादी एवं भविष्य कैसा रहेगा। कृपया उत्तर अवश्य दे,धन्यवाद्।

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  32. जन्मतिथि 11/11/1986
    समय 21:45
    जन्मस्थान इटारसी (मध्यप्रदेश)

    विवाह योग कब है, कोनसा रत्न शुभ रहेगा|

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  33. pandit ji
    mera dob 9/9/1976 tob 13:50 pob delhi hai kirpya mujhe yeh bataye ki mujhe kaun sa business suitable rahega

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  34. pandit ji
    mera beta DOB- 19 MAY 2012 TIME- 1:10 PM VARANASI mai kya iskai kundali mai pagalpan ka yog hai

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  35. ऐसा संदेह आपके मन में संभवतः बालक के भीतर उग्रता देख कर उत्पन्न हो गया है..हाँ स्नायु तंत्र को प्रभावित बुध व चन्द्र की युति करती अवश्य है ,व दो ग्रहों का वक्री व दो का अस्त होना कुंडली को असामान्य तो करता है किन्तु जैसा आप समझ रहे हैं,ऐसा कुछ नहीं...वास्तव में आपका पुत्र नींद पूरी नहीं ले पा रहा है व सोते समय अचानक जाग जाता है..जिसका कारण उसके मस्तिष्क में वायु का प्रवाह रुकना है...किसी अच्छे E.N.T. स्पेशलिस्ट को एक बार मिलिए..अगर वहां से संतुष्ट नहीं होते तो संभवतः बुध चन्द्र का उपाय करना होगा,बालक की बुआ के द्वारा उस के गले में लहसुनिया धारण कराएँ..व योग्य ब्राह्मणों द्वारा बुध चन्द्र की शान्ति करवाएं..

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  36. 16.02.1990
    6.50am
    Hoshangabad mp
    Mera job rahega ya bussiness or kab lagegi job ya konsa bussiness kb tk hoga...

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  37. गुरु वर आप का लेख काफी तर्क सांगत है लेकिन मैं क्यों नहीं सफल हो प् रहा हु इसका थोडा विश्लेषण करे २६/12/१९७८कानपुर शाम के 5:४४

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    1. लग्नेश का रिपु भाव में जाना व दशमेश का कर्क में वक्री हो जाना इस समस्या के रूप में देखा जा सकता है..आप पन्ना रत्न सवा आठ रत्ती धारण करे व यथसंभव पीली मिठाई दान करे ..90 से 180 दिनों के भीतर हालात नियंत्रण में पाएंगे

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  38. Mera name ashok dob 01/05/1969 time 10:40 am ballia up mai karz se pareshan hu upay bataye

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  39. my daughter d.o.b.24/05/1987,21:33hrs at mumbai having mental sickness please upay bataye

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    1. किसी प्रकार के सम्बोधन की आवश्यकता भी नहीं समझी आपने..खैर...कन्या को सोने में पुखराज धारण कराएं व एक बार बुध का दान करवा लें

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